Sunday, 9 September 2018

नए साल में

ताजे सुन्दर फूल खिलेंगे
नए साल में
नए-पुराने मित्र मिलेंगे
नए साल में
भैया-दीदी खूब पढ़ेंगे
कोई कितनी करे शरारत
नहीं लड़ेंगे
नए साल में
रंग खुशी का चोखा होगा
नए साल में
हर त्यौहार अनोखा होगा
स्वस्थ रहेंगी प्यारी दादी
नए साल में
गुड़िया की भी होगी शादी
नए साल में
अच्छे अच्छे काम करेंगे
नए साल में
सीधे सच्चे नहीं डरेंगे
नए साल में
भैया को उग आए दाढ़ी
नए साल में
छुक छुक चले हमारी गाड़ी
नए साल में

-शेर जंग गर्ग
 (1937)

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