Sunday, 9 September 2018

अब तो खाओ

ताक धिनाधिन
ताल मिला लो
हँसते जाओ
गोरे-गोरे
थाल-कटोरे
लो चमकाओ

चकला-बेलन
मिलकर बेले
फूल फुलकिया
अम्मां तेरी
खूब फुलाओ

भैया आओ
मीठी-मीठी
अम्मां को भी
यहाँ बुलाओ
प्यारी अम्मां
सबने खाया
अब तो खाओ

-देवेन्द्र कुमार
 (1940)

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