ताक धिनाधिन
ताल मिला लो
हँसते जाओ
गोरे-गोरे
थाल-कटोरे
लो चमकाओ
चकला-बेलन
मिलकर बेले
फूल फुलकिया
अम्मां तेरी
खूब फुलाओ
भैया आओ
मीठी-मीठी
अम्मां को भी
यहाँ बुलाओ
प्यारी अम्मां
सबने खाया
अब तो खाओ
-देवेन्द्र कुमार
(1940)
ताल मिला लो
हँसते जाओ
गोरे-गोरे
थाल-कटोरे
लो चमकाओ
चकला-बेलन
मिलकर बेले
फूल फुलकिया
अम्मां तेरी
खूब फुलाओ
भैया आओ
मीठी-मीठी
अम्मां को भी
यहाँ बुलाओ
प्यारी अम्मां
सबने खाया
अब तो खाओ
-देवेन्द्र कुमार
(1940)
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