आओ, पूछें एक सवाल
मेरे सिर में कितने बाल
कितने आसमान में तारे
बतलाओ या कह दो हारे
नदिया क्यों बहती दिन रात
चिड़ियाँ क्या करती हैं बात
क्यों कुत्ता बिल्ली पर धाये
बिल्ली क्यों चूहे को खाये
फूल कहाँ से पाते रंग
रहते क्यों न जीव सब संग
बादल क्यों बरसाते पानी
लड़के क्यों करते शैतानी
नानी की क्यों सिकुड़ी खाल
अजी, न ऐसा करो सवाल
यह सब ईश्वर की है माया
इसको कौन जान है पाया
-श्रीनाथ सिंह
(1901-1996)
मेरे सिर में कितने बाल
कितने आसमान में तारे
बतलाओ या कह दो हारे
नदिया क्यों बहती दिन रात
चिड़ियाँ क्या करती हैं बात
क्यों कुत्ता बिल्ली पर धाये
बिल्ली क्यों चूहे को खाये
फूल कहाँ से पाते रंग
रहते क्यों न जीव सब संग
बादल क्यों बरसाते पानी
लड़के क्यों करते शैतानी
नानी की क्यों सिकुड़ी खाल
अजी, न ऐसा करो सवाल
यह सब ईश्वर की है माया
इसको कौन जान है पाया
-श्रीनाथ सिंह
(1901-1996)
No comments:
Post a Comment