Sunday, 9 September 2018

इब्नबतूता का जूता

इब्नबतूता
पहन के जूता
निकल पड़े तूफान में
थोड़ी हवा
नाक में घुस गई
थोड़ी घुस गई
कान में

कभी नाक को
कभी कान को
मलते इब्नबतूता
इसी बीच में
निकल पड़ा
उनके पैरों का जूता

उड़ते-उड़ते
उनका जूता
पहुँच गया
जापान में
इब्नबतूता
खड़े रह गये
मोची की दूकान में

-सर्वेश्वर दयाल सक्सेना

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