Saturday, 8 September 2018

हल्लम हल्लम हौदा


हल्लम हल्लम हौदा
हाथी चल्लम चल्लम 
हम बैठे हाथी पर
हाथी हल्लम हल्लम
लम्बीं लम्बीं सूंड़
फटा फट फट्टर फट्टर 
लम्बें लम्बें दांत
खटा खट खट्टर खट्टर 
भारी भारी सूंड़
मटकता झम्मम झम्मम
पर्वत जैसी देह
थुल थुली थल्लम थल्लम 
हल्लर हल्लर देह
हिले जब हाथी चल्लम 
खम्भे जैसे पाँव
धमा धम धम्मम धम्मम 
हाथी जैसी नहीं
सवारी अग्गड़ बग्गड़ 
पीलवान पुच्छन
बैठा है बांधे पग्गड़ 
बैठे बच्चे बीस
सभी हम डग्गम मग्गम

-डॉ० श्री प्रसाद

No comments:

Post a Comment